बोलती कहानियां: रोटी बनाए टंटू

जहां अनीता हमारे लिए फील्ड से कहानियां और चर्चाएं लेकर आती हैं. कहानियां, जो निरंतर की ‘आपका पिटारा’ पत्रिका में छापी गईं और फील्ड में काफी सुनी और सुनाई गईं. इन्हें इतना पसंद किया गया क्योंकि ये कहानियां ज़मीनी हकीकतों की झलक थीं और सुनने-पढ़ने वालों के जीवन से जुड़ी थीं. हर कहानी को ग्रामीण और कस्बों में स्थित महिला संगठनों के साथ सांझा किया जाता है और निकल कर आती हैं कभी गहरी, कभी रोचक और कभी चौका देने वाली चर्चाएं.

इसके भाग 1 में, आइए सुनें हमारी मनपसंद कहानी, ‘रोटी बनाए टंटू’, जिसमें पति और पत्नी एक दिन के लिए अपनी जगहों की अदला-बदली कर लेते हैं.

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