त्रिदेवी

सुनिए लेखक निशा सुसान की कहानी 'ट्रिनिटी' का हिंदी अनुवाद निरंतर रेडियो पर

मीना, एनी और नयनतारा – सेंट एग्निस कॉलेज में पढ़ने वाली तीन लड़कियां, तीन दोस्त – जो दुनिया को अपने कंधे पर उठाए नाचती फिरती हैं. वे दुनिया पर राज करती हैं, कम से कम अपने कॉलेज पर तो ज़रूर करती हैं! वे कॉलेज फेस्टिवल्स की जान हैं. डांस में उनका कोई सानी नहीं. 

वे अपने कॉलेज के अलावा दूसरे शहरों के कॉलेज फेस्टिवल्स की डांस प्रतियोगिताओं में भी भाग लेती हैं और अपने जलवे से न सिर्फ प्राइज़ बटोरती हैं बल्कि स्टूडेंट्स, फैकल्टी और बाकी दर्शकों को मंत्रमुग्ध भी करती हैं. उनकी ज़िंदादिल दोस्ती की कसमें खाई जाती हैं. लेकिन एक दिन कॉलेज खत्म हो जाता है. फिर क्या होता है? 

कॉलेज की दोस्तियां किस हद तक हमारे साथ होती हैं? कॉलेज खत्म होने के बाद इन दोस्तियों का क्या होता है?   

लेखक निशा सुसान की बहुचर्चित किताब ‘विमेन हू फॉरगेट टू इनवेंट फेसबुक’  में प्रकाशित कहानी ‘ट्रिनिटी’  का हिंदी अनुवाद ‘त्रिदेवी’, तिरुवनंतपुरम के एक कॉलेज की तीन दोस्तों की कहानी है. प्रतिलिपि से प्रकाशित यह किताब लगातार चर्चा में बनी हुई है. तीन दोस्त, हर अच्छे बुरे समय में एक-दूसरे के साथ खड़ी होती हैं. कॉलेज से निकलने के बाद भी साथ निभाने के वादे करती हैं. लेकिन असल में होता क्या है? सुनिए निरंतर रेडियो पर.

आवाज़ – जूही जोतवानी

अनुवाद एवं प्रस्तुति – माधुरी आडवाणी

(आवरण साभार: प्रतिलिपि)

माधुरी को कहानियां सुनाने में मज़ा आता है और वे अपने इस हुनर का इस्तेमाल महिलाओं के विभिन्न समुदायों और पीढ़ियों के बीच संवाद स्थापित करने के माध्यम के रूप में करती हैं. जब वे रिकार्डिंग या साक्षात्कार नहीं कर रही होतीं तब माधुरी को यू ट्यूब चैनल पर अपने कहानियों का अड्डा पर समाज में चल रही बगावत की घटनाओं को ढूंढते और उनका दस्तावेज़ीकरण करते पाया जा सकता है. समाज शास्त्र की छात्रा होने के नाते, वे हमेशा अपने चारों ओर गढ़े गए सामाजिक ढांचों को आलोचनात्मक नज़र से तब तक परखती रहती हैं, जब तक कॉफ़ी पर चर्चा के लिए कोई नहीं टकरा जाता. माधुरी द थर्ड आई में पॉडकास्ट प्रोड्यूसर हैं.

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