दुर्गा मसराम के लेख

दुर्गा, महाराष्ट्र के वर्धा ज़िले में स्थित सेल्दोह गांव की रहने वाली हैं. स्नातक एवं सोशल वर्क में एम.फिल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्तमान में वे टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस से पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें देश-दुनिया की सैर करना और लोगों की मदद करना पसंद है. वे पांच साल तक अपने गांव की वार्ड मेम्बर भी रह चुकी हैं.

हमारा हिसाब कौन देगा?

मैं एक आदिवासी गोंड समुदाय में पैदा हुई. मेरे मां-बाप की मैं पहली संतान हूं. वैसे तो मेरे घर में 6 सदस्य हैं. माता-पिता के अलावा हम तीन बहन और एक भाई है. मेरे पिताजी और मां दूसरों के खेतों में काम करते हैं.