रूहान आतिश के लेख

रूहान आतिश, क्वीर फेमिनिस्ट ट्रांसमैन हैं. पेशे से कार्यकर्ता एवं वकील रूहान, को कविताएं लिखना पसंद है. वे बतौर ट्रेनर भी काम करते हैं. ज़िंदगी को महसूस करना और फ़िर उन एहसासों को लफ़्ज़ों में उतारना इनका शौक है.

बदलती निगाहों का शहर

प्रयागराज एक्सप्रेस ने जैसे ही अपनी रफ़्तार धीमी की, मैंने ट्रेन की खिड़की से बाहर का जायज़ा लिया. रेल की पटरियों के दोनों तरफ़ जुगनूओं जैसी टिमटिमाती रौशनी की कतारों को देखकर सर्दी में सुस्त पड़े दिल ने मानो फ़िर से धड़कना शुरू कर दिया.