नारीवादी

अपनी गली तो दिखाओ ज़रा

आशियान का रंग-ढंग किसी स्काउट जैसा है. वह शाहदरा की वेलकम कॉलोनी की 15-20 दूसरी लड़कियों और औरतों के साथ गंदगी और कूड़े-कचरों से अटी पड़ी गलियों से गुज़रती हुई आगे बढ़ रही है, जिसके दोनों तरफ बने घरों की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं, प्लास्टर झड़ चुके हैं और ईंटों ने ताकझांक करना शुरू कर दिया है.

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