अभिषेक अनिक्का

नक्शा

शब्दों और रेखाओं के बीच दास्तान एक शहर की

‘नक्शा-ए-मन’ चित्रों के ज़रिए हमारे ‘ट्रैवल-लोग’ के सफ़रनामे को दर्शाने का प्रयास है. द थर्ड आई ट्रैवल फेलोशिप – ट्रैवल-लोग – में हमने अलग-अलग जगहों से चुने हुए 13 लेखकों एवं डिज़ाइनरों के साथ मिलकर काम किया ताकि वे नारीवादी नज़र से शहर की कल्पना को शब्द-चित्रों में सजीव कर सकें.

दरभंगा_विकलांगता

कितकित

कितकित का खेल. सब आंखें तुम पर टिकी हैं. और तुम खड़े हो एक खाने के बीच, एक टांग पर. झुककर उठाते हुए गोटी. कंगारू की छलांग. टक, टक, टक. अपने आप को गिरने मत देना, झुको, उठाओ गोटी, और फिर से लौट जाओ, जहां से शुरुआत की थी.