ग्रीष्मा कुठार और प्रियंका पॉल के लेख

चेन्नई की रहने वाली ग्रीष्मा कुठार, एक स्वतंत्र पत्रकार एवं वकील हैं. मुंबई में रहने वाली प्रियंका पॉल, कलाकार, लेखक एवं एक्टिविस्ट हैं. ग्रीष्मा और प्रियंका इन दोनों का काम सामाजिक न्याय, हाशिए की समझ को खोलने और स्वयं की पहचान के इर्द-गिर्द स्थित है. प्रियंका, अपने काम में अक्सर कविताओं या हास्य का इस्तेमाल कर स्थापित मानदंडों को चुनौती देने का काम करती हैं. अपने खाली समय में वे आईस-टी पीते हुए, छोटी- छोटी रचनात्मक किताबों को संजोते हुए या इंटरनेट पर कोई नया फितूर करते हुए दिखाई दे सकती हैं.

“हम दुनिया की सबसे बड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य वर्कफोर्स हैं और हम एक दिन इतिहास बनाएंगी”

एक पत्रकार के रूप में मैंने जितने सालों भी काम किया है, मुझे हर जगह की आशा कार्यकर्ता (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) की कहानियां याद हैं. ये वो कहानियां हैं जो किसी ‘सुपरहीरो’ किस्म की फिल्मी कहानियों में एकदम से फिट बैठती हैं, जहां पर्दे पर अचानक एक आदमी की एंट्री होती है जो कयामत की ओर बढ़ रही दुनिया को कैसे भी करके बचाता है जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता. पर यहां, ‘हीरो’ देश भर की ये औरतें हैं. उनकी एंट्री में कोई रोमांच नहीं है; ये औरतें पहले से ही मौजूद हैं और शायद आपके पड़ोस में ही रहती हों.