अदृश्य ज़िंदगियां: बाढ़, भेदभाव और पहचान का संघर्ष
बिहार की ज़मीन पर आपदाएं नई नहीं हैं. यहां हर साल कभी बाढ़, कभी सूखा, तो कभी बीमारियों का कहर लोगों की ज़िंदगी को झकझोर देता है. लेकिन इन आपदाओं के बीच कुछ ज़िंदगियां ऐसी भी होती हैं, जिनकी मुश्किलें सिर्फ़ प्राकृतिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी होती हैं.