इमरान खान के लेख

इमरान खान, लेखक हैं और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर काम करते हैं. उन्होंने फेमिनिज़म इन इंडिया, शी रोज़, तारशी जैसी कई वेबसाइट के लिए लंबे समय तक लेखन का काम किया है. उनका मानना है कि ज्ञान सिर्फ किताबों से नहीं होता, बल्कि बातचीत, एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और जीवन के अनुभवों से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है. उनकी इस बात में खास दिलचस्पी है कि कहानियों, रचनात्मक तरीकों और अपने अनुभवों पर सोच-विचार करने से हम ऐसा माहौल कैसे बना सकते हैं, जहां हर व्यक्ति को सम्मान मिले, सभी को साथ लेकर चला जाए और लोग एक-दूसरे की भावनाओं को समझें. 

अदृश्य ज़िंदगियां: बाढ़, भेदभाव और पहचान का संघर्ष

बिहार की ज़मीन पर आपदाएं नई नहीं हैं. यहां हर साल कभी बाढ़, कभी सूखा, तो कभी बीमारियों का कहर लोगों की ज़िंदगी को झकझोर देता है. लेकिन इन आपदाओं के बीच कुछ ज़िंदगियां ऐसी भी होती हैं, जिनकी मुश्किलें सिर्फ़ प्राकृतिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी होती हैं.