डिजिटल एजुकेटर्स

थर्ड आई ऑफलाइन टीम में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्यों से 24 डिजिटल एजुकेटर्स जुड़े हैं. अपने परिवेश से गहरे जुड़े ये डिजिटल एजुकेटर्स समय, जेंडर एवं जाति के इतिहास की नज़र से अपने आसपास को समझने का प्रयास कर, इन मुद्दों से जुड़े विषयों पर अपनी रिपोर्ट तैयार करते हैं. स्थानीय समुदायों एवं उनसे जुड़े संस्थानाओं के साथ मिलकर ये लोकल मुद्दों को सामने लाने का प्रयास करते हैं.

कला के विभिन्न माध्यमों पर आधारित शिक्षण पद्धति एवं सामाजिक मुद्दों के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना इनकी ट्रेनिंग का मूलभूत आधार है.

दुनिया रोज़ बनती है

कोविड की दूसरी लहर के दौरान लोग न केवल बीमारी से परेशान थे बल्कि भूख, ग़रीबी, बेरोज़गारी से बेहाल वे अनाज के एक-एक दाने के लिए तड़प रहे थे. हाशिए पर रह रहे लोगों के लिए यह दोहरी मार है. मनीषा ने बाकि साथियों के साथ मिलकर द थर्ड आई रिलीफ़ वर्क के ज़रिए फलौदी गांव के कई इलाकों में घूम-घूम कर अनाज बांटने का काम किया ताकि लोगों को थोड़ी राहत मिल सके.

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