
फ से फील्ड, इश्श से इश्क: पहली रात
शादी के बाद पहली रात। एक तरफ नींद की खुमारी तो दूसरी तरफ बात करने की बेचैनी. इन दोनों के बीच वो सब कुछ जो शादी की पहली रात अपने भीतर समेटे होती है. आखिर पहला कदम कौन बढ़ाए?!
द थर्ड आई होम » चाहत » Page 2

शादी के बाद पहली रात। एक तरफ नींद की खुमारी तो दूसरी तरफ बात करने की बेचैनी. इन दोनों के बीच वो सब कुछ जो शादी की पहली रात अपने भीतर समेटे होती है. आखिर पहला कदम कौन बढ़ाए?!

हिन्दुस्तान में शादी होती दो लोगों के बीच है लेकिन शादी के माहौल में न जाने कितने जोड़े बनते हैं, कितने ख्वाब बुने जाते हैं, ख्वाहिशें उड़ानें भरती हैं… पर इनमें से एक भी अगर हकीकत में बदल जाए तो पसीने छूट जाते हैं!

जब मैं उस मशहूर हिल स्टेशन के बस स्टैंड पर उतरा, तो मेरे मन में एक ही सवाल घूम रहा था, क्या वह आएगी? बीती रात मैंने उसे कई मैसेजेज़ भेजे थे, आखिर के कुछ मैसेज उसने अभी तक नहीं देखे थे, मतलब उनपर ब्लू टिक नहीं लगा था. रात ढल चुकी थी, लेकिन पौ फटने में अभी वक्त था.

वो 17 साल में पहली बार घर से बाहर दूर किसी जगह एक कैंप में रुकी थी। पहली बार किसी ने बताया कि खुद को आईने में देखो, कैसा लगता है…पहली बार खुद को किस किया!

रात, शर्म, रोमांस, पानी और क्या? ‘फ से फ़ील्ड, इश्श से इश्क’ ऑडियो सीरीज़ में प्यार, फंतासियां, चाहतें, गुस्सा, मोहब्बतें – ये सबकुछ है. चाहतों, मज़ा और खतरा के अपने-अपने अनुभव जो देश के कोने-कोने से निकले हैं.

मैं एकदम देसी, मुस्लिम परिवार में पली-बढ़ी, नई-नई क्वियर हूं, और अब अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में सेक्स पर शोध करती हूं. और ‘सहमति (कंसेंशुअल)’ बिना सहमति (नॉन-कंसेंशुअल) और ‘एक ही बार विवाह करने की प्रथा (मोनोगैमी) जैसे शब्दों तक मेरी भी पहुंच है. मेरे पास विशेषाधिकार है कि मैं अपनी ‘खतरनाक’ यौन इच्छाओं के बारे में लिख सकूं.

एक कमरा कितना कुछ कहता है, अंदर कौन रहता है… तुम अकेली रहती हो, या किसी के साथ? एक सवाल और हज़ारों कशमकश! अंकिता और रूहानी, कहानी एक सिंगल बेड की….

मेरी फोटो को सीने से यार, चिपका ले सैयां फेविकोल से… ट्यूशन सेंटर में चुलबुली लड़कियों के मज़ाक का केंद्र बनते-बनते कब एक लड़की की तस्वीर जेब में पहुंच गई, ये बात ज़ेहान के लिए भी घबराहट का विषय था. अब वो क्या करेगा?

मनाही, कामुकता जगाती है. जो चीज़ हमें जितनी मना होती है उसे लेकर उत्सुकता उतनी ही बढ़ जाती है. लेकिन क्या होता है जब अचानक से वो सबकुछ आपको मिल जाए? ‘फ से फ़ील्ड, इश्श से इश्क’ ऑडियो सीरीज़ में प्यार, फंतासियां, चाहतें, गुस्सा, मोहब्बतें – ये सबकुछ है.

क्या होता है जब बेटी द्वारा बहुत ही खराब तरीके से छुपाई गई चीज़ मां के हाथों में पड़ जाए? थर्रथराहट, सनसनाहट, झनझनाहट…हिंदी टीवी सीरीयल ड्रॉमा को और बढ़ाने के लिए बैकग्राउंड में जो ढैन..ढैन…ढैन…की आवाज़ें आती हैं वो सब आप ईमैजिन कर लीजिए लेकिन ये मामला तो उससे भी ज़्यादा बड़ा है! मामला है क्या? सुनने के लिए जल्दी से प्ले बटन पर क्लिक करें.