कोविड19

शोकनाच

शहर ख़ुद में क्या महसूस करता है. शहर के भीतर तमाम तरह की घटनाएं रोज़ होती हैं. कुछ इतिहास बन जाती हैं और कुछ के साथ हम वर्तमान में जीते रहते हैं. इन घटनाओं का शहर के मन पर क्या असर होता है? पढ़िए शहर में रहने वाली और उसके दो साथियों – हवा और उदासी के बीच की बातचीत.

दर्द की नक्शानवीसी

कोविड की दूसरी लहर की तबाही के बीचों-बीच हमने थर्ड आई के डिजिटल एजुकेटर्स के साथ यह कार्यशाला की थी. थिएटर, मानसिक स्वास्थ्य और आध्यात्म के अपने अनुभवों के आधार पर मैंने कार्यशाला से जुड़े साथियों से बात कर हर संभव कोशिश की, जिससे उन्हें एक सार्थक अनुभव हो और उनके साथ मैं भी अपनी आवाज़ खोज पाऊं.

नर्सिंग और जाति की दर्जाबंदी

स्वास्थ्य सेवाओं के भीतर छूत-अछूत का मसला ही नहीं जेंडर भी यहां अपना रंग दिखाता है। ज़्यादातर नर्स महिलाएं हैं और इसके कारण कई तरह की जाति और जेंडर से जुड़ी दर्जाबंदी साफ़ दिखाई देती है।

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