जेंडर और काम

सिटी गर्ल्स

उत्तर-प्रदेश के बांदा ज़िले से आई दो लड़कियां उमरा और कुलसुम, झोला उठाकर दिल्ली महानगर में ठसक से अपना रास्ता बनाती हुई चलती हैं. कैमरा उनके पीछे-पीछे चलता है. 28 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में वे सारी दकियानूसी बातें जो लड़कियों को अक्सर सुनने को मिलती हैं, कांच की तरह टूटकर गिरते हुए दिखाई देती हैं.

बोलती कहानियां: बेटा किसका?

बोलती कहानियां में अनीता हमारे लिए फील्ड से कहानियां और चर्चाएं लेकर आती हैं. इस एपिसोड में आइए सुनते हैं ‘बेटा किसका?’ और जानते हैं कि इस सवाल पर कैसे वीरमति ने सबकी बोलती बंद की.

रोटी बनाए टंटू

बोलती कहानियां: रोटी बनाए टंटू

जहां अनीता हमारे लिए फील्ड से कहानियां और चर्चाएं लेकर आती हैं. कहानियां, जो निरंतर की ‘आपका पिटारा’ पत्रिका में छापी गईं और फील्ड में काफी सुनी और सुनाई गईं.

राजम अक्का

राजम अक्का

ज़्यादातर लोग अपने आपको स्त्री-पुरुष के दो खानों में बंटे जेंडर की पहचान से जोड़ते हैं. वे या तो स्त्री की पहचान रखते हैं या पुरुष की.

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