दर्द के नक्शे

इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में, मई 2021 में कोविड का हर दूसरा नया केस और उससे होने वाली मृत्यु ग्रामीण ज़िलों से थे. मतलब, मई महीने में विश्व में कोविड के जितने केस दर्ज़ हुए उनमें हर चौथा केस भारत के ग्रामीण क्षेत्र से था. 

 कोरोना की दूसरी लहर ने हमसे हमारा बहुत कुछ छीन लिया है. हम सभी दुख में हैं लेकिन हम समझ नहीं पा रहे कि ये दुख कहां है और हमारे ऊपर इसका कैसा असर हो रहा है. भीतर और बाहर के दुख को निकालने का रास्ता खोजने और इसे समझने के लिए थिएटर आर्टिस्ट अपेक्षा वोरा के साथ देश के 3 राज्यों के 8 ज़िलों से हमारे डिजिटल एजुकेटर्स ने ऑनलाइन एक कार्यशाला के ज़रिए अपने शरीर के और अपने आसपास के दर्द को समझने का प्रयास किया. कार्यशाला में क्या बातें हुईं और कैसे साथियों ने अपने दर्द का नक्शा बनाया इस वीडियो के ज़रिए देखें. 

साथ ही आप कार्यशाला को किस तरह करना है इस संबंध में विस्तृत जानकारी इस लिंक के ज़रिए पढ़ सकते हैं.

अपेक्षा एक स्वतंत्र अध्ययनकर्ता, थिएटर रचनाकार, और एक्टिविस्ट हैं. वे मुंबई में रहती हैं.

द थर्ड आई की पाठ्य सामग्री तैयार करने वाले लोगों के समूह में शिक्षाविद, डॉक्यूमेंटरी फ़िल्मकार, कहानीकार जैसे पेशेवर लोग हैं. इन्हें कहानियां लिखने, मौखिक इतिहास जमा करने और ग्रामीण तथा कमज़ोर तबक़ों के लिए संदर्भगत सीखने−सिखाने के तरीकों को विकसित करने का व्यापक अनुभव है.
Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
Share on print

यह भी देखें

Skip to content