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एपिसोड 01

एपिसोड 01 – प्रियंका दूबे: एक क्राइम रिपोर्टर की दुनिया

F – रेटेड इंटरव्यू के पहले एपिसोड में मिलिए द्विभाषी लेखक एवं पत्रकार प्रियंका दूबे से. इस एपिसोड में प्रियंका, 14 साल के अपने खोजी रिपोर्टिंग करियर के दौरान हिंसा, सामाजिक न्याय और मानवधिकारों से जुड़े मामलों पर व्यापक स्तर पर लिखने, खुद की तैयारी, जीवन पर उसके प्रभाव और कविताओं के साथ, पर विस्तार से बातचीत कर रही हैं.

F – रेटेड इंटरव्यू के पहले एपिसोड में मिलिए द्विभाषी लेखक एवं पत्रकार प्रियंका दूबे से. इस एपिसोड में प्रियंका, 14 साल के अपने खोजी रिपोर्टिंग करियर के दौरान हिंसा, सामाजिक न्याय और मानवधिकारों से जुड़े मामलों पर व्यापक स्तर पर लिखने, खुद की तैयारी, जीवन पर उसके प्रभाव और कविताओं के साथ, पर विस्तार से बातचीत कर रही हैं.

भोपाल में जन्मी और फ़िलहाल इंदौर में रह रही प्रियंका को उनके काम के लिए कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. कथेतर साहित्य की विधा में प्रकाशित अपनी पहली ही किताब नो नेशन फॉर विमेन के ज़रिए वे बाल यौन शोषण, जातीय हिंसा, हत्या, बलात्कार, मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दे की पड़ताल करते हुए इससे जुड़ी कहानियों को सामने लाने का प्रयास करती हैं.

सुनिए प्रियंका के साथ द थर्ड आई टीम की यह बातचीत.

निरंतर रेडियो पर पेश है एक नया शो जहां होंगी बातें F – रेटेड यानी फेमिनिस्ट रेटेड!

अक्टूबर 2014 में आयोजित बाथ फ़िल्म फेस्टिवल के दौरान पहली बार एफ (F) रेटिंग की शुरुआत हुई. एफ (F) रेटिंग का मतलब उन फ़िल्मों से है जिसकी निर्देशक महिला हों, या फ़िल्म की लेखक महिला हों और अगर कोई महिला मुख्य किरदार की भूमिका में है तो फ़िर वह कहलाता है गोल्ड रेटिंग, मतलब ट्रिपल एफ (F)! दरअसल, एफ (F) रेटिंग की बुनियाद फ़िल्मों में और पूरे फ़िल्म उद्योग में महिलाओं के लिए बराबरी के दर्जे से है.

कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां नारीवादी नज़रिया सिर्फ़ फ़िल्मों में ही नहीं बल्कि सभी प्रथाओं में केंद्रीय भूमिका में हो? इस कल्पना को साकार करते हुए आज हम इस नारीवादी नज़रिए को पॉडकास्ट के बरास्ते आपके पास लेकर आए हैं. इस शो में आप मिलेंगे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले अभ्यासकर्ताओं से और नारीवादी नज़र को केंद्र में रखते हुए द थर्ड आई टीम के साथ होंगी रोचक, शानदार, जानदार बातें.

कवर चित्र: तविशा सिंह

माधुरी अडवाणी निरंतर रेडियो पर कहानियों एवं संवादों के निर्माण, रिकॉर्डिंग, एडिटिंग एवं उसे तैयार करने का काम करती हैं. वे द थर्ड आई के कार्यक्रम द लर्निंग लैब से भी जुड़ी हैं. द लर्निंग लैब के साथ वे कार्यशालाओं का मार्गदर्शन और संचालन करती हैं, जहां वे ‘हम अपनी कहानियां कैसे बता और लिख सकते हैं’ की नज़र से विषयों को समझने-समझाने का काम करती हैं.

जूही एक लेखक एवं शोधकर्ता हैं. इन्हें शोधपरक लंबे लेख लिखना पसंद है. वे संपादकीय सहायक होने के साथ-साथ द थर्ड आई के पॉडकास्ट चैनल निरंतर रेडियो के लिए पॉडकास्ट एपिसोड और ऑडियो भी तैयार करती हैं.
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