पॉडकास्ट

बोलती कहानियां Ep 7: इमला

इमला का मलतब है लिखने का अभ्यास करना. यह कहानी हमारे सामने इस तरह खुलती है कि स्कूल के भीतर कक्षा में मास्टर रामदास बेंत झुलाते हुए फौजी जनरल की तरह चलते हैं. मास्टरजी का खौफ इतना है कि चलते हुए अगर वो किसी बच्चे के सामने रुक जाएं तो उसकी सांस अटक जाती है. एक गलती पर एक बेंत उनका उसूल है. एक दिन, एक बच्चे द्वारा बदतमीज़ी करने पर उसकी शिकायत लेकर मास्टरजी उसके पिता के पास जाते हैं. बच्चे के पिता गांव के प्रधान हैं. अब, प्रधान के सामने मास्टरजी की जो हालत होती है वह देखने लायक है. क्या होता है वहां? यह तो आपको कहानी सुनने के बाद ही पता चलेगा…

अनेकों कमरों का समझौता

केसवर्कर्स डायरी | एपिसोड 1 : अनेकों कमरों का समझौता

कोई हमें थोड़ा प्यार करे, हमारी इज़्ज़त करे, हमें सम्मान दे- इसके लिए हम क्या-क्या जतन करते हैं, कितने तरह के समझौते करते हैं, है न! केसवर्कर्स डायरी के इस एपिसोड में उत्तर-प्रदेश के बुंदेलखंड की एक केसवर्कर हमें अपने जीवन के उन तमाम कमरों के बारे में बताती है जहां कभी उसने अपना बचपन जिया तो कभी खुद से उसे बनाया-संवारा. पर, इनमें से कोई भी कमरा उसका नहीं है.

हेकड़ी

बोलती कहानियां Ep 6: हेकड़ी

बोलती कहानियां के इस एपिसोड में दिप्ता भोग से सुनिए लेखक विजयदान देथा की कहानी ‘हेकड़ी’. यह कहानी उनके संग्रह ‘बातां री फुलवाड़ी’ के हिंदी अनुवाद से ली गई है जिसके प्रकाशक राजस्थान ग्रंथागार हैं.

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विशेष फीचर: जाति कहां है?

मुम्बई, महाराष्ट्र के रहने वाले रोहन के लिए अपने सरनेम पर गौरव महसूस करना और आरक्षण का विरोध कर रिज़र्व श्रेणी की जातियों को अपनी परेशानी का कारण बताना बहुत आसान था. लेकिन, एक फेलोशिप पर काम करने के दौरान जब रोहन ने निगाह उठाकर अपने आसपास देखने की कोशिश की तब उसे जाति और उससे जुड़े विशेषाधिकारों के बारे में पता चला.

पैसे

फ से फील्ड, श से शिक्षा: एपिसोड 10 पैसे चाहिए की नहीं?

उसे अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए पैसों की ज़रूरत थी. उसने बहुत सारी तरकीबें सोच रखी थीं जिनसे घरवालों से पढ़ाई के लिए पैसा भी निकाल ले और उन्हें पता भी न चले पर उसके पिताजी हमेशा उसकी तरकीबों से एक कदम आगे की सोच रखते हैं. सुनिए एक पिता और एक बेटी की कहानी.

महिला शिक्षा

फ से फील्ड, श से शिक्षा: एपिसोड 9 छोटी बहू

“छोटी बहू, अरे ओ छोटी बहू…” घर में सुबह से लेकर रात तक बस यही एक राग सुनाई देता है. घर हो या बाहर या फिर काम की जगह, उसका पूरा दिन सिर्फ़ भागते-दौड़ते ही बीत जाता. कभी शरारती सुनिता के नाम से मशहूर,आज वो सिर्फ़ छोटी बहू बनकर रह गई है…क्या है छोटी बहू की कहानी सुनिए राजकुमारी और आरती अहिरवार की ज़ुबानी.

फ्रेंड

फ से फील्ड, श से शिक्षा: एपिसोड 8 हॉस्टल डायरी – निधी ने आपकी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली है

‘ये इश्क नहीं आसां इतना ही समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है’. इश्क मजाज़ी, इश्क मजनूंई कुछ भी कह लीजिए, पर जब चाहतें फ्रेंड रिक्वेस्ट की शक्ल में भेजी जाती हैं और कबूल कर ली जाती हैं तो दिल अपनी कुर्सी से उछल पड़ता है.

फ से फील्ड, श से शिक्षा: एपिसोड 7 हॉस्टल डायरी – Jio WiFi का टावर

राजस्थान के जोधपुर जिले, एक छोटे से कस्बे में एक शाम विकास अपने खत्री होस्टल से निकलकर ओसवाल होस्टल की तरफ बढ़ा जा रहा था. ओसवाल होस्टल के पास जियो का नया टावर लगा है जहां इंटरनेट की स्पीड बहुत तेज होती है. विकास वहां फ़िल्में डाउनलोड करने जा रहा है. समानांतर उसके दिमाग में कुछ सवाल भी डाउनलोड हो रहे थे. जैसे, किस तरह जेंडर, जाति और वर्ग से तय होता है कि किसे क्या सुविधाएं मिलेंगी?

हेरा फेरी

फ से फील्ड, श से शिक्षा: एपिसोड 6 हेरा फेरी

सारी पढ़ाई, सारा विज्ञान एक तरफ और कुंवारी लड़की का किसी महीने पीरियड न आना एक तरफ! क्या नहीं होता उसके बाद. घर-परिवार, डॉक्टर, टीचर और दोस्त सब मिलकर इस बिन-बनाई गुत्थी को सुलझाने में लग जाते हैं. ऐसे में तरह-तरह के अनुमान, डर और भ्रम का माहौल बन जाना तो लाज़िमी है. सुनिए एक रंगरेज कहानी, शोभा की ज़ुबानी.

भूचाल

फ से फील्ड, श से शिक्षा: एपिसोड 5 भूचाल

हुआ यूं कि गीता के मोहल्ले से एक लड़की, किसी दूसरी जाति के अपने लड़के दोस्त (ब्यॉफ्रेंड) के साथ घर छोड़कर भाग गई. इस घटना से पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच चुका था. अब इसका असर तो हर घर पर पड़ना ही था. कैसे? जानने के लिए सुनिए रानी की कहानी भूचाल.