
नो रिग्रेट्स
सफ़दर हाशमी से माफ़ी के साथ कि किताबें डराती हैं, किताबें क्रान्ति के लिए उकसाती हैं, अक्सर कोर्स की किताबों में छुपाकर पढ़ी जाने वाली किताबें ज़िंदगी का असल मायने बताती हैं. सीमा दहिया की यह कहानी बंद खिड़की से झांकती रौशनी का वह टुकड़ा है जो अपनी जानदार भाषा के साथ यही दोहराता है कि ख्वाहिशें अपना रास्ता ढूंढ लेती हैं.




