वापसी

पढ़ाई के लिए बचपन में ही गांव छोड़ शहर गई लड़की, लॉकडाउन में वापस आकर बीते हुए कल और आज के बीच राजस्थान के सवाऊ मूलराज गांव को कैमरे में कैद करती है.

ज्योति, द थर्ड आई सिटी संस्करण के ‘ट्रैवल लोग’ का एक हिस्सा हैं. शहर को देखने की हमारी इस यात्रा का एक बड़ा हिस्सा हमारे 13 ट्रैवल लोग हैं जिनके ज़रिए हम भारत के अलग-अलग कोने से शहरों, कस्बों और गांवों के उनके अनुभवों एवं नज़रियों को जानने और समझने की कोशिश कर रहे हैं.

राजस्थान के बाडमेर ज़िले के सवाऊ मूलराज गांव की रहने वाली ज्योति अपने गांव की पहली लड़की हैं जो पढ़ाई के लिए गांव छोड़कर शहर गईं. गांव में अच्छे स्कूल के अभाव को देखते हुए ज्योति के माता-पिता ने चार साल की उम्र में ही उन्हें जैसलमेर शहर पढ़ने के लिए भेज दिया था. ज्योति के लिए गांव एक सराय है, जहां पर कुछ दिन रूककर वापस लौटना है और शहर आगे बढ़ने का रास्ता. फिलहाल, वे अहमदाबाद में बिजनेस एडमिनेशट्रेशन की पढ़ाई कर रही हैं.

साल 2020 में कोविड के दौरान देशभर में लगे लॉकडाउन की वजह से ज्योति गांव वापस लौटती हैं. शहर में पली-बढ़ी ज्योति के लिए ये पहला मौका था कि वे लंबे समय के लिए अपने घर में ऱह रही थीं. उन्होंने गांव में रहते हुए वहां के परिदृश्य, लोगों औऱ घटनाओं को अपने कैमरे में कैद करना शुरू किया. बकायदा एक शहरी लड़की के कौतूहलवश तो कभी होने न होने के बीच छूटी यादें को समेटने के लिए. ये प्रयास हमें ज्योति के ज़रिए राजस्थान के सवाऊ मूलराज गांव और उसके जीवन से परिचय कराते हैं. यहां, कैमरा न सिर्फ वर्तमान के साथ-साथ बीते समय को कैद कर रहा है बल्कि खुद कैमरा चलाने वाली के प्रति लोगों का नज़रिया भी साथ-साथ कैद हो रहा है.

कैमरा – ज्योति राठी

वीडियो एडिटिंग – शिवम रस्तोगी

द थर्ड आई की पाठ्य सामग्री तैयार करने वाले लोगों के समूह में शिक्षाविद, डॉक्यूमेंटरी फ़िल्मकार, कहानीकार जैसे पेशेवर लोग हैं. इन्हें कहानियां लिखने, मौखिक इतिहास जमा करने और ग्रामीण तथा कमज़ोर तबक़ों के लिए संदर्भगत सीखने−सिखाने के तरीकों को विकसित करने का व्यापक अनुभव है.
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